बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बजा बैंड-बाजा, मरीजों को हुई परेशानी, जांच के आदेश – बिहार शरीफ |

रवि रंजन |
नालंदा, बिहारशरीफ : नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ स्थित मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार को अचानक बैंड-बाजे की तेज आवाज गूंजने से अफरा-तफरी मच गई। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को तेज धुन और शोर के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल जैसे संवेदनशील जगह पर बैंड-बाजा बजने से लोग हैरान रह गए।

क्या था मामला:
कुछ देर तक किसी को यह समझ नहीं आया कि अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के भीतर आखिर किस खुशी में और किसके आदेश पर बैंड-बाजा बजाया जा रहा है। मौके पर मौजूद बैंड-बाजा बजाने वाले व्यक्ति से पूछने पर उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर से लंगोट अर्पण जुलूस निकाला जा रहा है, उसी के उपलक्ष्य में बैंड बजाया जा रहा था। जुलूस के दौरान बैंड पार्टी इमरजेंसी वार्ड के अंदर तक पहुंच गई थी।
मरीजों के परिजनों में आक्रोश:
वहीं, मरीजों के परिजनों ने कड़ी नाराजगी जताई। परिजनों ने आरोप लगाया कि तेज आवाज के कारण उनके मरीजों की परेशानी बढ़ गई। वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर रखे गंभीर मरीजों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा। कई मरीजों की नींद टूट गई और कुछ की तबीयत भी बिगड़ने लगी। परिजनों ने कहा कि अस्पताल में इस तरह का शोर असंवेदनशीलता है।अस्पताल प्रशासन ने कहा :
इस संबंध में मॉडल अस्पताल के उपाधीक्षक ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में अचानक बैंड बजने की सूचना मिलते ही उसे तत्काल बाहर निकलवा दिया गया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी वार्ड के अंदर किसके आदेश पर बैंड-बाजा बजाया गया, इसकी जांच कराई जाएगी। यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपाधीक्षक ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए सुरक्षा कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जांच कराई जाएगी :
फिलहाल अस्पताल प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। अस्पताल में धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान शोर-शराबा न हो इसके लिए गाइडलाइन बनाने की बात भी कही गई है।



