
सतेन्द्र पाठक |
बेतिया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) एवं ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर गुरुवार, 24 जुलाई को बेतिया में नीट (NEET) पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे और गिरफ्तारियों के विरोध में विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर रहा।
शहीद पार्क से शुरू हुआ यह विरोध मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जिला पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां AISF और AIYF के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, जबकि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे और गिरफ्तारियां लोकतंत्र एवं शिक्षा व्यवस्था पर हमला है।
प्रदर्शन के दौरान “शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ”, “पेपर लीक बंद करो”, “छात्रों पर दमन बंद करो”, “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “गिरफ्तार छात्रों को रिहा करो” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें।
नीट पेपर लीक की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।
गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को बिना शर्त अविलंब रिहा किया जाए।
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
देशभर में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
AISF और AIYF के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल बेतिया तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए चलाया जा रहा राष्ट्रव्यापी आंदोलन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों को शीघ्र नहीं माना, तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।



