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रजौली बीआरसी में पानी के लिए हाहाकार – नवादा ।

लेखापाल द्वारा विद्यालय में कार्यरत रसोईया को डरा-धमकाकर बुलाया जाता है बीआरसी में झाड़ू

लेखापाल के शिकायतों को शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के द्वारा किया जा रहा अनदेखी
-रजौली में 15 वर्षो से जमे हैं लेखापाल, इनके द्वारा कहा जाता है मेरा स्थानांतरण करने का ताकत नहीं है शिक्षा विभाग के पदाधिकारी को
-नरहट व सिरदला प्रखंड में इनकी कार्यशैली खराब रहने पर इनके उपर पूर्व में हो चुकी है कार्रवाई

रवीन्द्र नाथ भैया ।

जिले के रजौली प्रखंड बीआरसी में पीने के लिए ना हीं पानी है, ना ही शौचालय जाने के लिए । बीआरसी में पानी पीने के लिए रजौली इंटर विद्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है। बीआरसी की साफ-सफाई के नाम पर राशि हड़प ली जा रही है।
लेखापाल के द्वारा बीआरसी में झाड़ू दिलवाने के लिए विद्यालय में कार्यरत रसोईया को डरा-धमकाकर झाड़ू लगवाया जाता है। इसकी शिकायत डीपीओ, एमडीएम से अनेकों बार की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बीआरसी लेखापाल से अपना काम होता नहीं । विकास की राशि हड़प ली गई है। विद्यालय विकास की राशि का पीपीए बनाने के नाम पर तथा उपयोगिता के नाम पर 20-30% राशि की वसूली की जाती है। इनके द्वारा विद्यालय के खेल के सामान में भी बंदरबांट की गई है। लगभग सभी प्रधानाध्यापकों को नवादा बुलाकर एक चिन्हित दुकानदार से खेल का सामान देकर ठगने का काम किया गया् जिसकी जांच की आवश्यकता है।
लेखापाल रवींद्र के द्वारा प्रखंड में विद्यालयों को दिए जाने वाले खेल के सामान में सभी विद्यालयों की राशि पहले हीं पीपीए के माध्यम से हस्तांतरित करवा ली गई। उसके बाद सभी प्रधानाध्यापक को दो-चार करके 1000-2000/- रूपये तक का सामान दिया गया तथा इसके द्वारा पदाधिकारी का भय दिखाकर सभी विद्यालयों की राशि हड़प ली गई।
लेखापाल रवींद्र के द्वारा बीईओ के साथ मिलकर विद्यालय निरीक्षण में एमडीएम का उपयोगिता, वाउचर , पीपीए आदि की मांगकर भयादोहन किया जाता रहा है जबकि विभाग से ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं है। लेखापाल रवींद्र के कुकृत्य को कब तक पदाधिकारी दबाएं रखते हैं ? इसका इंतजार हर किसी को है।

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