हिन्दी मगही साहित्यिक मंच के तत्वावधान में मगही चौपाल और कवि सम्मेलन का आयोजन – नवादा |

गया, जहानाबाद, अरवल, पटना सहित जिले के 40 साहित्यकारों ने लिया हिस्सा, हुए सम्मानित
-मगही को भाषा का दर्जा को लेकर बुलंद की आवाज
रवीन्द्र नाथ भैया |
जिले के हिसुआ नगर परिषद में हिन्दी-मगही साहित्यिक मंच शब्द साधक के बैनर तले मगही और हिन्दी के साहित्यकारों का जुटान हुआ। आयोजित मगही चौपाल और मगही हिन्दी कवि सम्मेलन में नवादा सहित गया, जहानाबाद, अरवल और पटना के 40 साहित्यकारों ने हिस्सा लिया।
मंच अध्यक्ष दीनबंधु, मुख्य अतिथि टीएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो गणेश शर्मा, विशिष्ट अतिथि नवोत्साह साहित्य संगम की संरक्षिका वीणा मिश्रा, वरीय नागरिक संघ के महामंत्री ललित किशोर शर्मा, साहित्यकार अमरेंद्र मिश्र ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। अध्यक्षता दीनबंधु और मंच संचालक संयोजक व्यंग्यकार उदय भारती ने किया।
धन्यवाद ज्ञापन समाजसेवी व वरीय कांग्रेसी बांके बिहारी सिंह ने किया। अतिथि और वक्ताओं ने मगही को साहित्य की हर विधा के परिपूर्ण बताया।
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित देश के कई प्रदेशों में भारी संख्या में मगही भाषी हाने की बात करते हुए सरकार को मगही को आठवीं अनुसूची में शामिल कर भाषा का दर्जा देने की आवाज बुलंद की।
मगही चौपाल के माध्यम से मगही आंदोलन को तेज करने की अपील:-
कार्यक्रम में मगही को भाषा का दर्जा देने की मांग को लेकर जहानाबाद से शुरु हुए मगही चौपाल का शब्द साधक मंच ने समर्थन किया और इसको गति देने का संकल्प लिया। मगही चौपाल के कारवां का प्रतिनिधित्व कर रहे हिमांशु शेखर ने कहा कि मगही माय का हक हम लेकर रहेंगे. हम घऱ-घर, गांव-गांव, गली-मोहल्ला जाकर मगही भाषी को जगा रहे हैं। इस तरह आंदोलन को बड़ा रूप दिया जाएगा।
संयोजक गौतम पराशर ने आंदोलन में मगही भाषियों को आगे आने का आह्वान किया।
मगही चौपाल का कारवां लेकर पहुंचे हिमांशु शेखऱ, गौतम पराशर, अरविंद कुमार आजांस, रम्भा कुमारी, धर्मेंद्र रंगकर्मी, अवनीश कुमार उर्फ मुन्ना दीवाना, विश्वजीत अकेला, कमरूद्दीन शम्शी, नंद किशोर विद्यार्थी, सुजीत कुमार, अंतर्यामी कुमार, सन्नी कश्यप को सम्मानित किया गया।
अन्य क्षेत्र में जिले से बेहतर करने वालों में खेल कोच और शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा, स्काउट एंड गाइड के संटू कुमार, उभरते अभिनेता और कवि सागर इंडिया, जेपी सेनानी जयनारायण प्रसाद को भी सम्मानित किया गया। बेस्ट श्रोता का सम्मान नंद किशोर प्रसाद को मिला।
मौके पर शफी जानी नादां, कवि प्रवीण पंकज, अमरेंद्र पुष्प, युगल किशोर राम, अनिल कुमार, नीतेश कपूर, उत्पल भारद्वाज, दयानंद गुप्ता, गौतम कुमार सरगम, ओंकार कश्यप, श्याम सुंदर कुमार, कृष्ण कुमार भट्टा, द्वारिका प्रसाद, ड़ॉ. रमेश कुशवाहा सहित 30 कवियों ने काव्य पाठ किया. मौके पर शिक्षक आलोक कुमार, नरेश कुमार, शंभू शरण शर्मा, सुरेश चौधऱी, गायत्री परिवार के गिरिजेश कुमार आदि उपस्थित थे।


