शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 के तहत जिला स्तरीय कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित – नवादा |
किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में डिजिटल तकनीक निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका : -जिला पदाधिकारी

रवीन्द्र नाथ भैया |
जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र (डीआरसीसी) भवन में शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय शारदीय (खरीफ) कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के विभिन्न पदाधिकारियों, प्रखंड स्तरीय कृषि कर्मियों तथा प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का युग है और कृषि क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ सरल, सुलभ एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने हेतु कृषि विभाग लगातार डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार कृषि एप के माध्यम से किसानों को विभागीय योजनाओं, अनुदान, प्रशिक्षण, कृषि तकनीक एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे किसान घर बैठे योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभान्वित हो रहे हैं।
जिला पदाधिकारी ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक 01 जून से 30 जून 2026 तक चलाए जा रहे “खेत बचाओ अभियान” की चर्चा करते हुए कहा कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर अनुशंसित मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने तथा कृषि भूमि के कम-से-कम एक चौथाई हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं संतुलित पोषण प्रबंधन से भूमि की उर्वरता बरकरार रहेगी तथा उत्पादन लागत में कमी आएगी।
कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी ने जिले में संचालित फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 6,03,104 नई एवं पुरानी जमाबंदियां हैं, जिनके आधार पर किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाना है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जिले में कुल 1,86,174 लाभार्थी किसान हैं, जिनमें से अब तक 1,03,244 किसानों का फार्मर आईडी बनाया जा चुका है। शेष किसानों का पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराने हेतु सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
जिला कृषि पदाधिकारी ने खरीफ मौसम की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले को 413 क्विंटल संकर धान एवं 250 क्विंटल संकर मक्का बीज का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इन बीजों के माध्यम से 25-25 एकड़ के क्लस्टर तैयार कर प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल किसानों के बीच बीज वितरण कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि वितरित बीजों की वास्तविक बुआई खेतों में हो तथा किसान उन्नत तकनीकों का उपयोग कर अधिक उत्पादन प्राप्त करें।
उन्होंने भारत विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों के लिए सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर 155261 के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किसान इस नंबर पर कृषि संबंधी समस्याओं, योजनाओं, तकनीकी सलाह एवं अन्य आवश्यक जानकारियों के लिए संपर्क कर सकते हैं। कृषि कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे अधिकाधिक किसानों को इस सुविधा के बारे में जागरूक करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान खरीफ फसलों की उन्नत खेती, बीज प्रतिस्थापन, जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, पशुपालन एवं उद्यानिकी से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों एवं कृषि कर्मियों को नवीन कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा उत्पादन वृद्धि के उपायों की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक निदेशक (शस्य) प्रक्षेत्र-सह-अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक (आत्मा), जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण), जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, किसान सलाहकार तथा बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित थे।



