बस स्टैंड बना तालाब, एनएच-20 की लापरवाही से 4 साल से नारकीय स्थिति के कारण दुकानदार बेहाल – नवादा |

रवीन्द्र नाथ भैया |
जिले के रजौली अनुमंडल मुख्यालय में हुई झमाझम बारिश ने मौसम को सुहाना बनाया है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। बारिश के कारण रजौली बाईपास के समीप अस्थाई सिरदला-फतेहपुर-गयाजी बस स्टैंड पूरी तरह जलमग्न हो गया।
हालात यह कि पूरा बस स्टैंड परिसर तालाब में तब्दील हो गया जिससे मोटरसाइकिल सवारों, राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को आवागमन में भारी फजीहत उठानी पड़ी । जलजमाव के चलते सड़क किनारे दुकानों में सन्नाटा पसरा है और स्थानीय दुकानदार मंदी की दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं।
100 मीटर की सर्विस लेन बनी मुसीबत, NHAI की चूक का खामियाजा भुगत रहे लोग:-
छानबीन करने पर जो बातें सामने आयी कि जलजमाव का मुख्य कारण एनएच-20 (NH-20) की नालियों का वैज्ञानिक और सही तरीके से निर्माण न होना है। सिरदला बस स्टैंड के पास करीब 100 मीटर के हिस्से में एनएच-20 के मुख्य मार्ग को सर्विस लेन से कनेक्ट करने में निर्माण कंपनी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा भारी लापरवाही बरती गई है। तकनीकी चूक का नतीजा है कि हर छोटी-बड़ी बारिश के बाद हाईवे और आसपास का सारा पानी इस ढलान वाले हिस्से में आकर जमा हो जाता है और हफ्तों तक बाहर नहीं निकलता।
4 वर्षों से अधिकारी मौन, नगर पंचायत ने भी मोड़ा मुंह:-
घंटों पानी में डूबे रहने को मजबूर स्थानीय दुकानदार सुधीर यादव, मुन्ना कुमार समेत दर्जनों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि वे लोग बीते चार वर्षों से हर बरसात में जलजमाव की यही नारकीय समस्या झेल रहे हैं। दुकानदारों ने बताया कि इस बार मानसून और बरसात की शुरुआत से पहले ही स्थानीय प्रशासनिक पदाधिकारियों से मिलकर गुहार लगाई गई, लेकिन अफसोस की बात है कि न तो एनएच-20 के प्रबंधन ने इस पर कोई सुधारात्मक कदम उठाया और न ही नवनिर्वाचित नगर पंचायत प्रशासन ने इसकी सुध ली।
निदान की उम्मीद धुंधली, यात्रियों को हो रही भारी दिक्कत:-
वर्तमान स्थिति को देखकर रजौली बाईपास स्थित सिरदला रोड में जलजमाव की समस्या का स्थायी निदान कब तक होगा, यह पूरी तरह से भविष्य के गर्भ में है। हर साल होने वाले इस जलजमाव से न केवल स्थानीय व्यापार ठप होता है, बल्कि दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को घुटने भर गंदे पानी से होकर बसों में सवार होना पड़ता है।
स्थानीय आक्रोशित नागरिकों ने जिला प्रशासन और एनएचएआई के वरीय अधिकारियों से जलजमाव का जल्द से जल्द कोई स्थायी और ठोस समाधान निकालने की पुरजोर मांग की है।



