कानून बेअसर, नाबालिगों के हाथों में सैकड़ों ट्रैक्टरों का स्टेयरिंग – नवादा |
सड़कों पर नियमों की धज्जियां, बच्चों से चलवाए जा रहे भारी ट्रैक्टर, हादसे का इंतजार या लापरवाही?

रवीन्द्र नाथ भैया |
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासन के नाक के नीचे नियमों की धज्जियां उड़ाने के साथ सड़क सुरक्षा दावों की जमीनी हकीकत को बयां करती एक बेहद खौफनाक और विचलित करने वाली तस्वीर सामने आयी है। पुलिस और परिवहन विभाग की नाक के नीचे क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर सैकड़ों भारी-भरकम और अनियंत्रित ट्रैक्टरों की कमान उन मासूम व नाबालिग बच्चों के हाथों में सौंप दी गई है, जिन्हें सही से वाहन की तकनीकी समझ तो दूर, उसे ठीक से संभालना तक नहीं आता।
एनएच-20 पर मौत की रफ्तार:-
स्थानीय ग्रामीणों, दुकानदारों और राहगीरों का सीधा आरोप है कि कानून के रखवालों की ढुलमुल कार्यशैली और कथित अनदेखी के कारण ये कम उम्र के बच्चे बिना किसी हिचकिचाहट या डर के राष्ट्रीय राजमार्ग-20 जैसी बेहद व्यस्त और खतरनाक सड़कों पर दिन-रात तेज रफ्तार में ट्रैक्टर दौड़ा रहे हैं। यह घोर लापरवाही न सिर्फ यातायात नियमों का सरेआम मजाक उड़ा रही है, बल्कि हर पल इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों राहगीरों और वाहन चालकों की जिंदगी को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर रही है।
जिम्मेदारों की चुप्पी और कागजी खानापूर्ति:-
जिले में आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और लहूलुहान होती सड़कों के बावजूद इस बेहद संवेदनशील समस्या पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस या सुधारात्मक कदम नहीं उठाया जा सका है। जिले के लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर सबसे ज्यादा है कि ये खतरनाक और नाबालिग चालकों द्वारा दौड़ाए जा रहे ट्रैक्टर प्रतिदिन थानों, पुलिस चौकियों और प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के सामने से बेधड़क गुजरते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर अपनी आंखें मूंदे बैठे रहते हैं। सड़कों पर जांच और सतर्कता के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति होने की वजह से वाहन मालिकों और लापरवाह अभिभावकों के हौसले आसमान छू रहे हैं।
चंद रुपयों के लिए जिंदगी से खिलवाड़,:-
चंद रुपयों की मजदूरी बचाने या अपनी व्यक्तिगत लापरवाही के चलते ये लोग न सिर्फ उन बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि पूरी सड़क व्यवस्था को खतरे में धकेल रहे हैं। लचर और गैर-जिम्मेदाराना निगरानी व्यवस्था ने अब सीधे तौर पर आम जनता की सुरक्षा को पूरी तरह से भगवान भरोसे छोड़ दिया है।
क्या कहता है मोटर वाहन कानून:-
यदि इस पूरे मामले को कानूनी नजरिए से देखा जाए तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी भी नाबालिग द्वारा भारी व्यावसायिक, लोडिंग या कृषि से जुड़े वाहनों को सार्वजनिक सड़कों पर चलाना बेहद संगीन और गैर-जमानतीय श्रेणी का दंडनीय अपराध माना गया है। देश के कड़े कानून के अंतर्गत इस प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर न केवल वाहन चलाने वाले बच्चे के खिलाफ कार्रवाई होती है, बल्कि गाड़ी के मूल मालिक और बच्चे के अभिभावकों के खिलाफ भी भारी-भरकम आर्थिक जुर्माने के साथ-साथ सीधे जेल की सजा का सख्त प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।
जमीनी स्तर पर कानून का खत्म होता खौफ,:-
कड़े कानूनी प्रावधानों के बावजूद नगर और उसके आस-पास के लिंक रोड्स पर नाबालिगों का इस तरह बेखौफ होकर ट्रैक्टरों से स्टंट करना और रेस लगाना यह साफ तौर पर उजागर करता है कि जमीनी स्तर पर कानून का खौफ पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। ऐसा प्रतीत होता है कि बड़े हादसों को रोकने और मानव जीवन की रक्षा करने की प्रशासनिक इच्छाशक्ति अब पूरी तरह से शून्य हो चुकी है।
जन-आक्रोश और सघन जांच की मांग:-
सड़कों पर लगातार बढ़ते इस जानलेवा खतरे को देखते हुए अब जिले के प्रबुद्ध नागरिकों, बुद्धिजीवियों और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और परिवहन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आर-पार की मांग शुरू कर दी है। आक्रोशित जनता का स्पष्ट कहना है कि एनएच-20 सहित जिले को जोड़ने वाली सभी ग्रामीण और मुख्य लिंक रोडों पर तुरंत एक विशेष, निष्पक्ष और निरंतर चलने वाला सघन जांच अभियान शुरू किया जाना चाहिए।
कब टूटेगी प्रशासन की नींद?
लोगों ने पुरजोर मांग की है कि इस अभियान के तहत केवल बच्चों को रोककर औपचारिकता पूरी न की जाए, बल्कि उन रसूखदार और रसूख के नशे में चूर वाहन मालिकों पर भी सख्त धाराओं में कानूनी एफआईआर दर्ज की जाए जो इन मासूमों के हाथों में मौत का स्टीयरिंग थमा देते हैं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि इस गहरे जन-आक्रोश और सुरक्षा से जुड़े गंभीर इनपुट्स के बाद भी स्थानीय प्रशासन अपनी गहरी नींद से जागता है या फिर हर बार की तरह किसी बड़ी अनहोनी और लाशों के ढेर लगने के बाद ही उसकी तंद्रा टूटेगी।
कहते हैं जिला परिवहन पदाधिकारी:-
इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी नवीन कुमार पाण्डेय ने बताया कि विभाग द्वारा अक्सर विशेष अभियान चलाकर परिवहन नियमों के उल्लंघन पर दोषियों पर कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही जिले में विशेष अभियान चलाकर नाबालिग चालकों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


