हमें किसी से बैर नहीं, श्यामनंदन तेरा खैर नहीं – नवादा |
मामला एक लाख रुपए रिश्वत मांगे जाने का

रवीन्द्र नाथ भैया |
हमें किसी से बैर नहीं, श्यामनंदन तेरा खैर नहीं। कुछ इसी तर्ज पर जिले की सिरदला प्रखंड क्षेत्र के रबियो गांव की महिला रुबी देवी ने अपनी मुहीम छेड़ दी है। मामला अपर समाहर्ता के पेशकार श्यामनंदन सिंह द्वारा पक्ष में फैसला दिलाने के नाम पर एक लाख रुपए रिश्वत मांगे जाने से जुड़ा है।
वैसे उक्त मामले में डीएम से लेकर जिले के किसी पदाधिकारी ने अबतक कार्रवाई तो दूर स्पष्टीकरण मांगना तक उचित नहीं समझा। ऐसे में भ्रष्टाचार पर रोक लगने के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
आश्चर्य यह कि अगर किसी को सोशल मीडिया पर अपशब्द का प्रयोग किया तो एससी-एसटी तक तहत स्वयं प्रशासन प्राथमिकी दर्ज कराने से बाज नहीं आती। जैसा कि गोल्डन दास के मामले में पकरीबरावां थाना क्षेत्र के कोनन्दपुर गांव के सत्या के मामले में साईबर थाना कर चुकी है। वह तो न्यायालय का देन है कि सत्या को जमानत मिल गई।
कहते हैं जब बारी अपने आप पर आती है तो अधिकारियों के हाथ पैर फूलने लगते हैं। अपर समाहर्ता कहते हैं जब कोई लिखित शिकायत तब जांच आरंभ किया जायेगा। अब सबसे बड़ा सवाल क्या गोल्डन दास ने साइबर थाना से कोई शिकवा शिकायत किया था क्या? अगर नहीं तो फिर प्राथमिकी क्यों?
रिश्वत मांगे जाने का मामला जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब प्रशासन ने स्वत: संज्ञान क्यों नहीं लिया? वैसे रुबी देवी ने सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है बावजूद प्रशासन का मौन साधे रहना कहीं न कहीं अधिकारियों की संलिप्तता पर सवाल खड़ा करता है।
बहरहाल पीड़िता ने सहयोग पोर्टल के बाद मामले को लोक शिकायत निवारण में दायर करा दोहरी चुनौती दी है। लोकशिकायत की पहली सुनवाई 16 जून को निर्धारित की गयी है।


