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दुष्कर्म के जुर्म में 20 वर्ष का कारावास व अर्थदंड -पोते की हत्या के आरोप में दादी को आजीवन कारावास – नवादा ।

रवीन्द्र नाथ भैया ।

व्यवहार न्यायालय में दो अलग-अलग मामलों में महिला समेत दो को सजा सुनाई गई। सजा मुकर्रर होते ही दोनों को जेल भेजा गया।
नबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में एक अधेड़ को 20 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 25 हजार रूपये का अर्थदंड की सजा सुनाई गई। पोक्सो कोर्ट के विषेष न्यायाधीष मनीष द्विवेदी ने शनिवार को यह सजा सुनायी। वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मोसमा गॉव निवासी सोहर यादव को यह सजा सुनाई गई। विशेष लोक अभियोजक भोला पासवान ने अदालत में अभियांजन पक्ष रखा। घटना 21 अगस्त 22 की बताई जाती है। मामला वारिसलीगंज थाना कांड संख्या-483/22 से सम्बंधित है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता अपने घर के बाहर थी तभी आरोपी ने खेत पर पिता के द्वारा बुलाये जाने की झुठी बात बताते हुए अपने साथ गॉव के अहरा की ओर ले गया तथा उक्त नबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाबत पीड़िता के पिता के द्वारा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
अभियोजन पक्ष के द्वारा अदालत में प्रस्तुत किये गये साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने पोक्सों एक्ट के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 25 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि पीड़िता को दिये जाने का आदेश दिया है। वहीं पीड़िता के कल्याण हेतु 5 लाख रूपये दिये जाने की अनुशंसा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से किया है।
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पोता की हत्या के आरोप में दादी को आजीवन कारावास
नवादा :-तीन वर्ष के बच्चे को जहर देकर हत्या किये जाने के आरोप में एक महिला को आजीवन का कारावास तथा 5 हजार रूप्ये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। पंचम जिला एवं सत्र न्यायाधीश रश्मि कुमारी ने शनिवार को यह सजा वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के धनकौल निवासी सीता देवी को सुनायी है। अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी नवनीत कुमार व शकील अहमद ने अदालत में अभियोजन पक्ष रखा। घटना 8 फरवरी 24 की बताई जाती है। मामला वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 67/24 से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार आपसी विवाद के कारण विकास कुमार के 3 वर्षीय पुत्र अनमोल कुमार को उसकी चचेरी दादी साता देवी ने जहर पिला कर हत्या कर दी। घटना के बाबत मृतक बालक के पिता विकास कुमार ने थाना में कांड दर्ज करवाया।
अदालत में गवाहों के द्वारा दिये गये ब्यान एवं पुलिस के द्वारा प्रस्तुत किये गये साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने सीता देवी को भादंसं की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व 5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं धारा 328 के तहत 5 वर्ष का कारावास की सजा सयुनाई। दोनों सजा एक साथ चलने का आदेश जारी किया।
अदालत ने मृतक के पिता को 50 हजार रूपये भुगतान किये जाने की अनुशंसा जिला विधिक सेवा प्राधिकार को किया है।

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