भूमि रिकॉर्ड सुधार के लिए चलेगा विशेष अभियान – नवादा ।

डोर-टू-डोर भूमि संबंधी समस्याओं का होगा समाधान
-भूमि विवाद कम करना अभियान का मुख्य लक्ष्य
रवीन्द्र नाथ भैया ।
समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज कुमार की अध्यक्षता में राजस्व महाअभियान को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिला बंदोबस्त पदाधिकारी ने बताया कि यह अभियान बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा राज्य भर में भूमि रिकॉर्ड की अशुद्धियों में सुधार लाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। विशेष राजस्व महाअभियान आम जनता की भूमि संबंधी समस्याओं जैसे ऑनलाइन जमाबंदी में त्रुटि सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण आदि के समाधान के लिए डोर-टू-डोर तक पहुंच कर सेवा प्रदान करेगा।
अपर समाहर्त्ता, डॉ. अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि इस अभियान को तीन चरणों में विभाजित किया गया है।
तीन चरणों में चलेगा अभियान:-
प्रथम चरण (18 जुलाई – 14 अगस्त):- इस चरण में अभियान पूर्व तैयारियों एवं गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
द्वितीय चरण (16 अगस्त – 20 सितंबर): इस दौरान जमीनी स्तर पर व्यापक अभियान चलाकर नागरिकों के आवेदन लिए जाएंगे। मौके पर ही निपटारा के लिए कार्रवाई की जाएगी।
तृतीय चरण (21 सितंबर – 30 अक्टूबर): इस चरण में अनुवर्ती गतिविधियां संचालित की जाएंगी। लंबित मामलों के निष्पादन की समीक्षा की जाएगी।
अभियान का मुख्य उद्देश्य भूमि विवादों को कम कर राजस्व सेवा लाभ पहुंचाना है।
अपर समाहर्त्ता ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य भूमि संबंधी विवादों को कम करना और आम जनता को राजस्व सेवाओं का लाभ आसानी से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि राजस्व महाअभियान की सफलता आप सभी पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि आप सबकी जिम्मेदारी है कि अंचल स्तर पर टीम को दक्षता से प्रशिक्षित करें, जिससे अभियान धरातल पर प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित हो सके। यह अभियान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक जनोन्मुखी पहल है। इसका लक्ष्य हर घर तक पहुंचना, राजस्व सेवाओं को पारदर्शी बनाना और रिकार्ड अपडेट करना है।
इसके तहत जमाबंदी की प्रति, पंपलेट एवं आवेदन प्रपत्र घर-घर जाकर वितरित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हल्का स्तर पर दो शिविरों का आयोजन किया जाएगा। आवेदनों को साक्ष्य के साथ कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। गांवों में पूछे जाने वाले सवालों का सकारात्मक जवाब देने के लिए नीचे स्तर तक की टीम को तैयार रखना होगा। सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित व पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करें।
मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर अमित अनुराग, अनुमंडल पदाधिकारी रजौली स्वतंत्र कुमार सुमन, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।