तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में प्रो० संजय कुमार सिंह के पक्ष में मजबूत जनसमर्थन नामांकन के साथ ही चारों जिलों में दिखी लहर – मुजफ्फरपुर ।
शिक्षकों ने जताया पुनः समर्थन का भरोसा ।

रवि रंजन ।
मुजफ्फरपुर : तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधान परिषद सदस्य (MLC) प्रो. संजय कुमार सिंह के पक्ष में चुनावी माहौल लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन के दिन से ही क्षेत्र के विभिन्न जिलों में सभी कोटि के शिक्षकों के बीच उनके प्रति व्यापक जनसमर्थन देखने को मिल रहा है।

क्षेत्र के शिक्षकों से मिले फीडबैक के अनुसार, बड़ी संख्या में शिक्षकों ने प्रो. संजय कुमार सिंह के प्रति अपना विश्वास जताते हुए उन्हें पुनः अपना समर्थन और मत देने का भरोसा दिलाया है। मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर समेत तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चारों जिलों में उनके समर्थन में सकारात्मक माहौल नजर आ रहा है।

शिक्षकों का कहना है कि पिछले दोनों ही कार्यकाल में प्रो. संजय कुमार सिंह ने शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार मजबूती से उठाया है। उनकी पहचान एक निष्ठावान और सहज-सुलभ जनप्रतिनिधि के रूप में बनी है। शिक्षकों के बीच उनकी उपलब्धता और समस्याओं को सुनने तथा उनके समाधान के लिए प्रयास करने की कार्यशैली को भी सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।

चुनावी दौरे के क्रम में प्रायः सभी कोटि के शिक्षकों से मिले फीडबैक में यह बात भी सामने आ रही है कि विभिन्न उम्मीदवारों की ओर से अलग-अलग प्रकार के आश्वासन एवं प्रलोभन दिए जा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षक, इनकी कार्यशैली, विश्वसनीयता एवं इनके संघर्ष के आधार पर अपना प्रतिनिधि चुनने की बात कह रहे हैं।

प्रो. संजय कुमार सिंह के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने पिछले वर्षों में केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि लगातार शिक्षकों के बीच रहकर उनके मुद्दों को उठाया है। यही निरंतरता इस चुनाव में उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आ रही है।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चारों जिलों में किए गए जनसंपर्क और सर्वेक्षण के दौरान शिक्षक समूह के उत्साह एवं प्रतिक्रियाओं से सहज संकेत मिल रहा है कि प्रो. संजय कुमार सिंह को अपने कार्यकाल की निरंतरता, व्यक्तिगत जनसंपर्क और शिक्षक समुदाय के बीच बनी विश्वसनीयता का भरपूर लाभ प्रथम वरीयता के मत के रूप में मिलेगा। चुनावी मैदान में यह समर्थन निश्चित ही उन्हें मजबूत जनादेश में बदल देगा।



