जीएनएम कॉलेज में छात्राओं का प्रदर्शन—बदहाल व्यवस्था के खिलाफ गेट पर जड़ा ताला – नालन्दा ।

बसंत कुमार ।
पावापुरी : नालंदा के पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान के जीएनएम कॉलेज में छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा है। बदहाल व्यवस्था से नाराज छात्राओं ने कॉलेज गेट पर ताला जड़कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

सोमवार को जीएनएम कॉलेज की छात्राओं ने बिजली, पानी, हॉस्टल और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्राओं का आरोप है कि बीते एक साल से उन्हें बुनियादी सुविधाओं के अभाव में रहना पड़ रहा है।
बिजली कटौती की स्थिति इतनी खराब है कि छात्राओं को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए खेत या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है। कॉलेज में जेनरेटर की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी और बढ़ जाती है।

छात्रावास व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। छात्राओं के मुताबिक, लड़कियों और लड़कों का हॉस्टल एक ही बिल्डिंग में संचालित हो रहा है, जिससे उनकी प्राइवेसी और सुरक्षा पर खतरा बना रहता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत भी चिंताजनक है। पूरे हॉस्टल में सिर्फ दो बाथरूम किसी तरह उपयोग लायक हैं, लेकिन उनमें भी कुंडी नहीं है। ऊपर से गंदा पानी टपकने और छत से रिसाव की समस्या ने हालात और खराब कर दिए हैं।
शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। जहां 18 शिक्षकों की जरूरत है, वहां सिर्फ 2 शिक्षकों के भरोसे कॉलेज चल रहा है। वहीं, एक साल पहले कॉलेज भवन की पिछली दीवार गिरने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
खानपान को लेकर भी छात्राओं ने आरोप लगाया कि भोजन में अक्सर कीड़े निकलते हैं, जिसकी शिकायत के बावजूद सुधार नहीं हुआ।

आर्थिक अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। छात्राओं का आरोप है कि स्टाइपेंड के नाम पर 500 रुपये की वसूली की गई है।
छात्राओं ने साफ कहा है कि अगर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी।
वहीं, प्राचार्या स्मिता कुमारी ने बताया कि हाल ही में आई आंधी-बारिश के कारण तीन दिनों तक बिजली बाधित रही, जिससे परेशानी हुई। उन्होंने माना कि जेनरेटर की सुविधा नहीं होने से दिक्कतें बढ़ती हैं।
प्राचार्या ने स्टाइपेंड के नाम पर किसी भी तरह की वसूली से इनकार किया है। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शौचालय और अन्य सुविधाओं को लेकर समस्याएं हैं, जिसके समाधान के लिए संबंधित एजेंसी को कई बार पत्र लिखा गया है।
उन्होंने बताया कि हॉस्टल एक ही भवन में है, लेकिन बीच में पार्टिशन किया गया है। इसके बावजूद छात्राओं की प्राइवेसी को लेकर चिंता बनी हुई है, जिसे लेकर भी विभाग को अवगत कराया गया है।



