न्यूक्लियस-26: मंच पर उतरी चिकित्सा शिक्षा, एमबीबीएस छात्रों ने नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश – नालन्दा ।

बसंत सिंह ।
पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (BMIMS) परिसर में गुरुवार को फाउंडेशन डे के अवसर पर आयोजित “न्यूक्लियस-26” कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा का अनोखा और रचनात्मक रूप देखने को मिला। इस दौरान एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक और ड्रामेटिक प्रेजेंटेशन के माध्यम से जटिल चिकित्सा विषयों को बेहद सरल, प्रभावी और रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. सर्विल कुमारी, डॉ. रश्मि कुमारी और डॉ. राजेश नारायण की उपस्थिति में हुआ। “मेडिकल अकादमिक्स एंड क्लिनिकल प्रैक्टिसेज” थीम पर आधारित इस आयोजन में विद्यार्थियों को पांच-पांच के समूह में बांटकर विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियां दी गईं।
25वें बैच के छात्रों ने ब्लड डोनेशन, मेंटल हेल्थ अवेयरनेस, एचआईवी जागरूकता और मानव शरीर की कार्यप्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए प्रस्तुत किया। वहीं 24वें बैच का “एनाटॉमी वाइवा” प्रस्तुतीकरण हास्य और यथार्थ के शानदार मेल के कारण दर्शकों के बीच खूब सराहा गया।
कार्यक्रम की सबसे खास प्रस्तुति 22वें बैच की “एआई बनाम डॉक्टर” रही, जिसमें आधुनिक तकनीक और चिकित्सकीय अनुभव के बीच संतुलन की जरूरत को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। छात्रों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित इलाज जोखिम भरा हो सकता है, जबकि व्यावहारिक ज्ञान और मानवीय संवेदनाएं चिकित्सा का मूल आधार हैं।
कार्यक्रम का संचालन आदित्य नारायण, ऋषभ कुमार और सुरुचि कुमारी ने किया। पूरे आयोजन में छात्रों का आत्मविश्वास, विषय की गहरी समझ और अभिव्यक्ति कौशल साफ तौर पर झलकता नजर आया।
प्राचार्या डॉ. सर्विल कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे उनकी संप्रेषण क्षमता, व्यवहारिक समझ और टीम वर्क की भावना मजबूत होती है।



