
रवीन्द्र नाथ भैया ।
जिले में बालू और दारु बेरोजगारों की कमाई का मुख्य श्रोत बना हुआ है। बालू -दारु तस्करों के लिए कोई नियम कानून है ही नहीं। इसके लिए वे किसी भी हदतक जा सकते नहीं बल्कि जा रहे हैं। कई बार पुलिस पर हमले तक किये चुके हैं।
कहने को तो खनन व पुलिस विभाग को इसे रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बावजूद धंधा है कि मंदा होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसी भी बात नहीं कि कार्रवाई नहीं हो रही है, हो रही है लेकिन यह मात्र दिखावा है। कार्रवाई वहीं हो रही है जहां से सौदा तय नहीं है। बर्ना सारे लोग रात तो रात दिन के उजाले में खुलेआम बालू की न केवल चोरी बल्कि उन्हें गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं।
नरहट पुलिस ने धनार्जय नदी से बालू की चोरी करते दो ट्रैक्टरों को जब्त किया है। पुलिस को आते देख चालक वाहन छोड़ फरार हो गया। सूचना खनन विभाग को दी गयी है। फिलहाल प्राथमिकी व जुर्माना राशि का पता नहीं चल सका है। इसके एक दिन पूर्व नारदीगंज पुलिस ने चार ट्रैक्टरों को जब्त कर 2.20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था।



